जशपुर
बगीचा में बालू माफियाओं का आतंक, जेसीबी मशीन से मंदिर, शमशान घाट और सरकारी बोरिंग को किया तोड़फोड़,ग्रामीणों में भारी आक्रोश…
जशपुर जिले का बगीचा में अवैध खनन को लेकर ग्रामीण लामबंद हो गए है। रेत माफिया गांव की निस्तारी जमीन, शमशान घाट और मंदिर के आसपास की जमीन को जेसीबी मशीन लगाकर तोड़फोड़ कर दिए है जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
दरअसल पूरा मामला बगीचा जनपद के ग्राम पंचायत सुतरी का है जहां रेत माफियाओं द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रेत और मुरुम का खनन कर रहे हैं। इस पर ग्रामीणों ने कई बार आपत्ति दर्ज कराई और जिस जगह पर खनन हो रहा है वहा आसपास की जमीन वन विभाग का बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने बगीचा वनपाल प्रमोद शुक्ला पर रेत माफियाओं को संरक्षण देने का गम्भीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि जब यहां अवैध खनन या वनों की कटाई होती है तो हमलोग वनपाल को फ़ोटो भेजकर शिकायत करते है लेकिन उनके द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नही की जाती है।
यहीं कारण है कि रेत माफियाओं ने हमारे सुतरी गांव का प्राचीन शिव मंदिर के चारो तरफ की मिट्टी को खोदकर तोड़फोड कर दिया है और महकूल समाज का शमशान घाट जाने वाली रास्ता को खोदकर तहस कर दिया है। मंदिर और शमशान घाट जाने वाली रास्ते पर एक सरकारी बोरिंग भी खुदवाया गया था जिसे उखाड़ कर फेंक दिए है।
देश विदेश
कांग्रेस विधायक के बयान से मचा बवाल,रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान पर विवादित टिप्पणी
ग्वालियर। कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इसी बीच उनके एक बयान पर बवाच मच गया है।दरअसल, रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर उन्होंने एक विवादित बयान दे दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। फूलसिंह बरैया वीडियो में कह रहे हैं कि, ‘महारानी लक्ष्मीबाई ने आत्महत्या की थी।’ वीरांगना तब कहा जाता है, युद्ध के मैदान में कोई मरता है, लेकिन रानी ने आत्महत्या की थी।
कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया का ये वीडियो बीजेपी प्रदेश मंत्री लोकेद्र पाराशर ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया है। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद फूलसिंह बरैया ने सफाई देते हुए कहा कि, वीडियो पुराना है, लेकिन मैंने जो कहा है वो इतिहासकार काशीनाथ त्रिपाठी की किताब वृद्ध बुंदेलखंड का इतिहास को पढ़कर कहा है। बरैया ने कहा कि, रानी लक्ष्मीबाई की लड़ाई झांसी राज्य की थी।
डलहौजी ने राज्य हड़प लिया था। संधि के तहत रानी को रहने की सुविधा और पांच हजार तनखा दी जाती थी। चार साल तक अंग्रेजों की पेंशन पर रानी रहीं। ग्वालियर में नाले को पार करते समय घोड़े का पैर टूट गया। गंगादास की शाला में झोपड़ी के अंदर रानी ने सुसाइड किया था।
पूर्व बीजेपी सांसद विवेक शेजवलकर ने फूलसिंह बरैया के इस बयान पर कहा कि, जिन लोगों को ज्ञान नही है, वह लोग ऐसी बातें करते हैं ये वही लोग हैं, जो समाज तोड़कर ऐसा काम करते हैं। यही वजह है कि, 60-65 साल में जो बढऩा चहिए, नहीं बढ़ें। ऐसे तत्व हैं, जो बातें करते हैं, जनता नकारेगीं। ऐसे लोगों का ये उनका आत्मघाती कदम है।
